Friday, 19 October 2018

Why Mutual Fund and Not Fixed Deposit !!

बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट को फंड निवेश में बदलने की वजह से टैक्स बचत होती है। इसलिए आज मैं इस पूरे विषय को विस्तार से बताता हूं। पिछले तीन साल में घटती ब्याज दरों के कारण आपके फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली सालाना आय में 40 फीसद तक की कमी आ चुकी है। यह बड़ी गिरावट है। लोग आमतौर पर रिटर्न से जुड़ा हिसाब-किताब सही नहीं लगाते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दर में 0.25 से 0.50 फीसद जैसी कमी बहुत छोटी लगती है।

1. Rate Of Return
हालांकि, इससे कमाई में आने वाली गिरावट कहीं ज्यादा होती है। उदाहरण के रूप में, ब्याज दर 7.5 फीसद से 7 फीसद होने का अर्थ है उस डिपॉजिट से होने वाली कमाई में 7 फीसद की कमी। यह कमी तेजी से बढ़ती है। पिछले तीन साल में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 8.75 फीसद से घटकर 6.25 फीसद रह गई है। इस बदलाव से फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली आपकी आय में 40 फीसद की कमी आ चुकी है।इस समस्या से पार पाने का तर्कसंगत तरीका है कि अपने पैसे को फिक्स्ड डिपॉजिट से म्यूचुअल फंड की ओर ले जाएं। लो रिस्क प्रोफाइल वाले म्यूचुअल फंड, जो फिक्स्ड डिपॉजिट वालों को आकर्षित कर सकते हैं, उनसे मिलने वाले रिटर्न की दर (ऊपर दिए गए उदाहरण की ही तरह) देखने में फिक्स्ड डिपॉजिट से थोड़ी ही ज्यादा लगती है। हालांकि, गणित पहले की ही तरह काम करता है। पिछले साल फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7 फीसद का ब्याज मिला होगा, जो कि 2016 के आखिर में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर थी। इसी अवधि में एक औसत लिक्विड फं / इक्विटी फंड (जिसमें न्यूनतम रिस्क और उतार-चढ़ाव होता है) ने 7.5-15 फीसद का रिटर्न दिया होगा। यह अंतर कमाई में 10-20 फीसद के अंतर के बराबर है।

2. Tax Saving
हालांकि, इसके ऊपर भी केक पर लगी क्रीम की तरह एक अन्य लाभ है और वो है टैक्स। तीन साल से कम के निवेश के लिए कर के नियम दोनों स्थितियों में एक जैसे ही है। अगर आप अपने म्यूचुअल फंड का सारा निवेश बेच दें तो उस पर कर की वही दर लागू होगी, जो फिक्स्ड डिपॉजिट के मामले में होती है। लेकिन अगर आप का लक्ष्य केवल लाभ को निकालने का है तो म्यूचुअल फंड की इस निकासी पर दिया जाने वाला टैक्स बहुत कम होगा। इसका कारण बहुत सामान्य है। ब्याज आय है, जबकि म्यूचुअल फंड रिटर्न को कैपिटल गेन माना जाता है। जब आपको डिपॉजिट से कोई आय मिलती है तो वह पूरी राशि आय ही कहलाती है। वहीं, जब आप म्यूचुअल फंड निवेश से पैसा निकालते हो, उसका एक हिस्सा वह मूलधन होता है, जो आपने निवेश किया होता है और यह मूलधन निश्चित रूप से टैक्स फ्री होता है।

इस बात को इस उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए, आपने म्यूचुअल फंड में 10 लाख रुपये का निवेश किया। एक साल बाद, यह राशि बढ़कर 10.80 लाख रुपये हो गई। अब आप वो 80,000 रुपये निकालना चाहते हैं, जो आपको फायदा हुआ है। ध्यान देने की बात है कि अब जो आपका निवेश है, उसमें 7.4 फीसद आपका लाभ है और बाकी 92.6 फीसद वो मूलधन है, जो आपने निवेश किया था।अब ध्यान देने की बात है : जब आप पैसा निकालते हैं तब टैक्स लगाने के लिए उस निकासी की गणना लाभ और मूलधन के उसी अनुपात के आधार पर होती है। इस आधार पर, आपके द्वारा निकाले गए 80,000 रुपये में से केवल 5,926 रुपये को ही लाभ माना जाएगा और उसे आपकी करयोग्य आय में जोड़ा जाएगा। इससे बहुत बड़ा अंतर पड़ता है। फिक्स्ड डिपॉजिट के मामले में इतनी ही राशि पर अगर आप टैक्स की सबसे ऊंची स्लैब में आते हों तो आपको 24,720 रुपये का टैक्स देना होगा। म्यूचुअल फंड में आपको कर के रूप में 1,831 रुपये ही देने होंगे।

3. Tax Liability
कुछ और फायदे भी हैं, जिसे फंड में निवेश करने वाले समझ सकते हैं, लेकिन बैंक में जमा करने वाले इनके प्रति जागरूक नहीं होते हैं। टीडीएस और वार्षिक कर ऐसे फायदों का उदाहरण हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट की पूरी राशि पर हर साल टैक्स देना होता है। मतलब कि टैक्स के रूप में काटा गया वह पैसा भविष्य में रिटर्न नहीं देगा। वहीं म्यूचुअल फंड के मामले में वार्षिक टैक्स लायबिलिटी नहीं होती। इसलिए पैसा तब तक जुड़ता रहता है, जब तक उस निवेश को बरकरार रखा जाए। अगर आप टैक्स की सबसे ऊंची स्लैब में आते हों, तो तीन साल बाद म्यूचुअल फंड से हुई कमाई फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में करीब डेढ़ गुनी होगी। एक लाख रुपये के निवेश के मामले में तीन साल बाद फिक्स्ड डिपॉजिट की राशि 1.26 लाख रुपये होगी, वहीं म्यूचुअल फंड में यह राशि 1.60 लाख रुपये होगी। क्युंकि फिक्स्ड डिपॉजिट पर टैक्स 10 फीसद टीडीएस के रूप में और बाकी सीधे जाता है, ऐसे में आपको मिलने वाला असल रिटर्न इस बात पर निर्भर करेगा कि आप टैक्स के किस स्लैब में आते हैं।

किसी भी तरह से देखें, ब्याज दरों में कटौती के इस दौर में टैक्स पर मिलने वाला फायदा म्यूचुअल फंडों को दोहरे आकर्षण का केंद्र बना देता है।


Get free advises from certified investment advisor: +91-6353357857



0 comments:

Post a Comment

Contact

Talk to us (also for sign up)

Shrinvest is finance advisor for you to invest your money in the best mutual fund for your wealth management. It provides mutual funds calculator, info of best performing mutual funds india, top mutual funds india, mutual funds sahi hai, sbi mutual fund, types of mutual funds.

Address:

Surat, Gujarat, India

Work Time:

Monday - Friday from 11am to 6pm

Phone:

+91-6353357857

Powered by Blogger.